छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना को लेकर उबाल, विस्थापित ग्रामीणों का एसडीएम कार्यालय के बाहर पथराव
छतरपुर (मध्य प्रदेश) | 11 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विस्थापित ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार की रात खुलकर सामने आ गया। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से परेशान चल रहे ग्रामीणों ने बिजावर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जो देर रात पथराव और हंगामे में बदल गया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि केन-बेतवा परियोजना के चलते उन्हें अपने घर और जमीन छोड़नी पड़ी है, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में लोग एसडीएम कार्यालय के सामने जमा हो गए और विरोध जताने लगे। हालात बिगड़ते देख कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। इस पूरे मामले पर बिजावर के एसडीएम राकेश शुक्ला ने कहा, "केन बेतवा परियोजना का बांध निर्माणाधीन है; कुछ लोग वहां लगातार हंगामा कर रहे थे। उनमें से कुछ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सुबह से अब तक मैंने उन्हें कई-बार समझाया है कि जमानत मिलने की प्रक्रिया निर्धारित है... ऐसी बातें सामने आई हैं कि कुछ लोगों ने पत्थर उठाकर कुछ जगहों पर हमले का प्रयास किया। प्रशासन वीडियो देखने के बाद इस संबंध में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करेगा। हम मामले की जांच कर रहे हैं।" वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले ने बताया कि दोधन गांव के कुछ ग्रामीण पहले भी अपनी मांगें सरकार के सामने रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण थोड़े आक्रामक हो गए थे, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। पटले के अनुसार, विस्थापित ग्रामीणों की मांगों पर पहले से चर्चा चल रही है और सरकार कानूनी दायरे में आने वाली सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालात अब पूरी तरह सामान्य हैं। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और सभी लोग शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौट गए। फिलहाल क्षेत्र में एहतियात के तौर पर पुलिस गश्त जारी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए केन-बेतवा परियोजना पर छतरपुर में उबाल, विस्थापित ग्रामीणों का एसडीएम कार्यालय के बाहर पथराव मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार की रात सड़कों पर दिखाई दिया। विस्थापन और मांगों को लेकर नाराज़ ग्रामीणों ने बिजावर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, जो देर रात हंगामे और पत्थरबाजी में बदल गया। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के कारण उन्हें अपने घर और जमीन छोड़नी पड़ी, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में लोग एसडीएम कार्यालय के सामने जमा हुए और विरोध जताने लगे। हालात बिगड़ने पर कुछ लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। इस मामले पर बिजावर के एसडीएम राकेश शुक्ला ने कहा, "केन बेतवा परियोजना का बांध निर्माणाधीन है; कुछ लोग वहां लगातार हंगामा कर रहे थे। उनमें से कुछ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सुबह से अब तक मैंने उन्हें कई-बार समझाया है कि जमानत मिलने की प्रक्रिया निर्धारित है... ऐसी बातें सामने आई हैं कि कुछ लोगों ने पत्थर उठाकर कुछ जगहों पर हमले का प्रयास किया। प्रशासन वीडियो देखने के बाद इस संबंध में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करेगा। हम मामले की जांच कर रहे हैं।" वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले ने बताया कि दोधन गांव के ग्रामीण पहले भी अपनी मांगें सरकार के सामने रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं और सरकार कानूनी दायरे में आने वाली मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया गया और सभी लोग अपने घर लौट गए, जबकि क्षेत्र में पुलिस की निगरानी जारी है।