भारत-श्रीलंका ने मजबूत की रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग से क्षेत्रीय सुरक्षा तक बनी सहमति

By Tatkaal Khabar / 10-09-2026 06:24:41 am | 621 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026 भारत और श्रीलंका ने अपने पारंपरिक रूप से मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाते हुए रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और आपदा राहत के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। बातचीत में दोनों देशों ने साझा प्रगति, जनकल्याण और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। राजनाथ सिंह ने भारत और श्रीलंका को सभ्यतागत रूप से जुड़े घनिष्ठ पड़ोसी और समुद्री साझेदार बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से श्रीलंकाई राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों तथा मजबूत जन-जन संपर्क को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने सबसे करीबी मित्र और पड़ोसी श्रीलंका को प्रथम सहायता प्रदान करना अपना दायित्व मानता है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। वहीं, राष्ट्रपति दिसानायके ने दोहराया कि श्रीलंका अपनी धरती का इस्तेमाल भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने देगा। राष्ट्रपति दिसानायके ने चक्रवात दितवाह के दौरान ‘सागर बंधु’ अभियान के तहत भारत की ओर से दी गई राहत सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्रीलंका में पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए भारत द्वारा दिए गए व्यापक पुनर्वास पैकेज की भी सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सहायता किसी एहसान के रूप में नहीं, बल्कि एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में कर्तव्य की भावना से दी गई है। बैठक के दौरान भारतीय रक्षा बलों द्वारा बनाए गए तीन बेली पुलों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया। दोनों पक्षों ने श्रीलंकाई वायु सेना की छह L70 वायु रक्षा तोपों के उन्नयन से जुड़े समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया। भारत सरकार के अनुदान से होने वाली इस परियोजना से श्रीलंका की महत्वपूर्ण संपत्तियों की वायु रक्षा क्षमता मजबूत होगी। इसके साथ ही दोनों देशों के राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों के बीच शैक्षणिक सहयोग और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के बीच सहयोग को लेकर भी समझौते हुए। NCC समझौते से युवा विनिमय कार्यक्रम को औपचारिक आधार मिलेगा और दोनों देशों के युवाओं के बीच संपर्क तथा आपसी समझ बढ़ाने में मदद मिलेगी। राजनाथ सिंह और राष्ट्रपति दिसानायके की बैठक में रक्षा सहयोग के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा समृद्धि को भी प्रमुखता दी गई। दोनों देशों ने अपनी पारंपरिक मित्रता और आपसी विश्वास को और मजबूत करने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक भारत-श्रीलंका संबंधों को रक्षा, आपदा सहयोग और मानवीय सहायता के व्यापक आधार पर आगे ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई।