रणदिवे की तारीफ के बाद विजयवर्गीय बोले- ‘आज एक राज की बात पता चली’

By Rupali Mukherjee Trivedi / 18-09-2026 05:34:54 am | 149 Views | 0 Comments
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इंदौर, 18 सितंबर 2026 इंदौर के गांधी नगर में भाजपा के बड़े आयोजन के दौरान मंच से सामने आई दो टिप्पणियों ने कार्यक्रम के बाद राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयोजन की तैयारियों और उसकी रूपरेखा का जिक्र करते हुए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की भूमिका की तारीफ की। इसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री की इसी बात का उल्लेख करते हुए ‘राज की बात’ वाला अंदाज अपनाया, जिसके बाद कार्यक्रम में हुई दोनों टिप्पणियां चर्चा में आ गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे आयोजन की रचना और रूपरेखा गौरव रणदिवे के नेतृत्व में तैयार हुई। मुख्यमंत्री की ओर से सार्वजनिक मंच पर रणदिवे की भूमिका का उल्लेख किए जाने के बाद आयोजन से जुड़ी उनकी जिम्मेदारी सामने आई। भाजपा के प्रदेश संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे रणदिवे इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से उनकी टिप्पणी का संदर्भ लिया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का आभार, जिन्होंने आज एक राज की बात बताई कि पूरे कार्यक्रम के सूत्रधार गौरव रणदिवे थे।” विजयवर्गीय ने आगे रणदिवे को सफल आयोजन के लिए बधाई और आभार भी दिया। हालांकि, उनके बयान में ‘राज की बात’ का जिक्र कार्यक्रम के बाद चर्चा का प्रमुख हिस्सा बन गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इंदौर दौरे को लेकर संगठन स्तर पर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। पार्टी कार्यालय से लेकर कार्यक्रम स्थल तक बैठकों और व्यवस्थाओं का सिलसिला जारी रहा। इन तैयारियों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सक्रिय रहे, जबकि संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे व्यवस्थाओं से जुड़े रहे। ऐसे में आयोजन की रूपरेखा में रणदिवे की भूमिका का मुख्यमंत्री द्वारा उल्लेख और उसके बाद विजयवर्गीय की टिप्पणी ने ध्यान खींचा। एक ही मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा रणदिवे की भूमिका की तारीफ और फिर कैलाश विजयवर्गीय के ‘राज की बात’ वाले बयान ने भाजपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा को जगह दी। हालांकि विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में रणदिवे को सफल आयोजन के लिए बधाई और आभार भी जताया। इसलिए केवल इन टिप्पणियों के आधार पर पार्टी के भीतर किसी नए समीकरण या मतभेद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की चर्चा मंच से सामने आए इन्हीं बयानों के इर्द-गिर्द है।