स्पाइसजेट की उड़ानों पर फिर संकट, दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री परेशान
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026 दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर शनिवार को स्पाइसजेट की उड़ान सेवाएं एक बार फिर प्रभावित हुईं। ऑपरेशनल समस्याओं के चलते कई फ्लाइट्स देरी से चलीं, जबकि कुछ उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इसके चलते एयरपोर्ट पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यात्रियों को हुई परेशानी पर खेद जताया। प्रशासन के अनुसार, ग्राउंड स्टाफ प्रभावित यात्रियों की सहायता में जुटा है और स्पाइसजेट के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उड़ानों में आई परेशानी की वजह को लेकर एयरलाइन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब स्पाइसजेट की उड़ानों में हाल के दिनों में देरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 15 सितंबर को दिल्ली-दुबई रूट की दो फ्लाइट्स करीब 30 घंटे और 19 घंटे की देरी से रवाना हुई थीं। इस दौरान करीब 200 यात्रियों ने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया था। स्पाइसजेट की परिचालन स्थिति के साथ उसकी वित्तीय चुनौतियां भी चर्चा में रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को कहा था कि सरकार एयरलाइन के संचालन और वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार संपर्क में है। उनके मुताबिक, स्पाइसजेट से उड़ानों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है और कंपनी ने सुधार का भरोसा दिया है। एयरलाइन ECLGS के तहत फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। बढ़ती ATF कीमतों, एयरस्पेस से जुड़ी बाधाओं और कम विमान उपयोग ने एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव बढ़ाया है। जुलाई के आंकड़े भी एयरलाइन के सामने मौजूद चुनौतियों को दिखाते हैं। इस महीने स्पाइसजेट की केवल 34.5% उड़ानें निर्धारित समय पर संचालित हुईं। घरेलू बाजार में उसकी हिस्सेदारी भी जून के 1.9% से घटकर जुलाई में 1.6% रह गई। जुलाई में एयरलाइन ने करीब 1.87 लाख यात्रियों को उड़ाया, जबकि इसी दौरान इंडिगो की हिस्सेदारी 67.4%, एयर इंडिया समूह की 24% और अकासा एयर की 5.5% रही।