ग्लोबल साउथ और भारत-सीईएलएसी बैठकों की जयशंकर ने की अध्यक्षता

By Tatkaal Khabar / 24-09-2026 04:35:50 am | 117 Views | 0 Comments
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न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में भारत ने एक बार फिर विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से बुलंद किया है। न्यूयॉर्क में समान सोच वाले 'ग्लोबल साउथ' देशों और उनके सहयोगियों की एक उच्च-स्तरीय मंत्री-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य विषय "एक बेहतर भविष्य की ओर मिलकर बढ़ना, सशक्त ग्लोबल साउथ के लिए ठोस आधार" रखा गया था। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा बैठक में शामिल लीडर्स ने मौजूदा वैश्विक माहौल में 'ग्लोबल साउथ' देशों के सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा की। इन चुनौतियों में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर असर डालने वाले जारी संघर्ष, व्यापार और निवेश के प्रवाह में उतार-चढ़ाव, संघर्षों के बीच समुद्री कर्मियों की चिंताएं, मौसम की चरम घटनाएं और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में हो रही देरी शामिल हैं। उन्होंने बहुपक्षीय संस्थाओं के कमजोर होने पर चिंता जताई और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक सुधारों, खासकर संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि इन चुनौतियों का 'ग्लोबल साउथ' देशों पर बहुत अधिक असर पड़ता है। इस दौरान लीडर्स ने आपसी खूबियों का लाभ उठाकर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को मानव-केंद्रित बनाकर 'साउथ-साउथ सहयोग' को बढ़ाने का संकल्प भी लिया। ग्लोबल साउथ की बैठक से इतर, विदेश मंत्री जयशंकर ने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के साथ भारत के जुड़ाव को आगे बढ़ाते हुए एक और महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक में हिस्सा लिया। डॉ. जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ भारत-सीईएलएसी 'एक्सपैंडेड ट्रोइका' बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान भारत और लैटिन अमेरिकी व कैरेबियाई देशों के संगठन (सीईएलएसी) के बीच व्यापार, निवेश, आर्थिक सहयोग, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और अधिक व्यापक बनाने पर सहमति बनी। विदेश मंत्रालय ने एक अन्य बयान में कहा भारत- सीईएलएसी विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) में ज़बरदस्त भागीदारी देखी गई, जिसमें 33 सीईएलएसी सदस्यों में से 30 ने हिस्सा लिया, इनमें 16 विदेश मंत्री और 5 उप-मंत्री स्तर के प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में उरुग्वे, सेंट लूसिया, एंटीगुआ और बारबुडा, बारबाडोस, बोलीविया, कोस्टा रिका, क्यूबा, गुयाना, हैती, जमैका, निकारागुआ, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा वेनेजुएला के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने 2025-26 में भारत-सीईएलएसी द्विपक्षीय व्यापार के 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की बड़ी उपलब्धि का स्वागत किया और आगे की वृद्धि की अपार संभावनाओं पर ज़ोर दिया। सीईएलएसी सदस्यों ने 2025 और 2026 में भूकंप के बाद जमैका, वेनेजुएला और कोलंबिया को भारत द्वारा दी गई त्वरित मानवीय सहायता की सराहना की। (रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)