योगी सरकार का नारी सशक्तिकरण पर जोर, महिलाओं को आवास से लेकर जमीन के अधिकार तक का लाभ

By Rupali Mukherjee Trivedi / 11-10-2026 11:09:40 am | 27 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन में मां शैलपुत्री से जुड़े कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण परिवारों को जमीन का मालिकाना हक, महिलाओं के नाम पर आवास, पेंशन और उज्ज्वला योजना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए इन्हें महिला सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ा बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “बेटी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए, उनके स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि वे अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के अधिकारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ग्राम पंचायतों में आबादी की जमीन पर लोगों के नाम दर्ज नहीं होते थे। ऐसे में दबंग लोग जमीन पर कब्जा कर लेते थे और गरीब परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई परिवारों को बेघर होने जैसी परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण अभिलेख के तहत घरौनी के माध्यम से लोगों को उस जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है, जिस पर उनका मकान बना है। इस व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्तमान में सरकार करीब एक करोड़ दस लाख परिवारों को निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन के तहत सालाना 12 हजार रुपये उपलब्ध कराने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले मकान की राशि परिवार की महिला मुखिया के नाम पर भेजने का निर्णय लिया गया है, जिससे मकान की मालकिन भी वही होगी। इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस का सिलेंडर भी महिला के नाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में जमीन परिवार की महिला सदस्य के नाम पर दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, यह पहल महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा अभियान है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन करोड़ से अधिक परिवारों में शौचालयों का निर्माण केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा की रक्षा करने का भी प्रयास है। अंत में उन्होंने नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ऐसे अभियानों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।