भारत-प्रशांत संबंधों को नई ऊंचाई, विदेश राज्य मंत्री का 3 देशों का दौरा संपन्न

By Tatkaal Khabar / 22-10-2026 12:13:54 pm | 61 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली। भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ कूटनीतिक जुड़ाव को एक नया विस्तार देते हुए विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा का तीन प्रशांत द्वीप देशों, समोआ, कुक द्वीप समूह और नाउरू गणराज्य, का सात दिवसीय आधिकारिक दौरा संपन्न हो गया है। 16 से 22 अक्टूबर तक चली इस रणनीतिक यात्रा के दौरान भारत ने इन सुदूर द्वीपीय राष्ट्रों के साथ अपने राजनीतिक और विकासात्मक संबंधों को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराया। अपने दौरे के विभिन्न चरणों के दौरान राज्य मंत्री ने तीनों प्रशांत द्वीपीय देशों के शीर्ष व वरिष्ठ नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। समोआ की राजधानी अपिया से शुरू हुई इस यात्रा में उन्होंने व्यापार, निवेश, पर्यटन, जलवायु अनुकूलन और क्षमता निर्माण जैसे पारस्परिक हितों के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। इन बैठकों में भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग मंच (फिपिक) के तहत आपसी रणनीतिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने पर विशेष बल दिया गया। द्विपक्षीय वार्ताओं के अलावा, राज्य मंत्री ने इन क्षेत्रों में भारत सरकार की वित्तीय व तकनीकी सहायता से चल रही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक विकास परियोजनाओं का जमीनी स्तर पर दौरा व निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर कूटनीतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत के प्रमुख कार्यक्रमों,आईटीईसी (आईटीईसी) और आईसीसीआर के पूर्व छात्रों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों से भी बातचीत की। मार्गेरिटा ने ‘एक्स’ पर लिखा, नाउरू के आईटीईसी और आईसीसीआर पूर्व छात्रों से मिलकर और भारत में उनके अनुभवों के बारे में सुनकर खुशी हुई। उनकी यात्राएं यह दर्शाती हैं कि भारत की क्षमता-निर्माण पहल ने किस तरह कौशल बढ़ाने और भारत-नाउरू साझेदारी को मजबूत करने में सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा नाउरू में भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। भारत-नाउरू संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका की सराहना की। यह सफल दौरा प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देशों के साथ स्थायी कूटनीतिक एकजुटता प्रदर्शित करने और ग्लोबल साउथ की सामूहिक आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की भारत की दीर्घकालिक विदेश नीति का एक अभिन्न हिस्सा है। (रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)