अखिलेश यादव की मांग- आधार से जुड़ें वोटर लिस्ट, हर बूथ पर हो बायोमेट्रिक जांच
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर 2026 समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आगामी चुनावों में मतदाता सूची की पारदर्शिता और संभावित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में धांधली की तैयारी बड़े पैमाने पर की जा रही है। इसे रोकने के लिए उन्होंने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक जांच की व्यवस्था लागू करने की मांग की। अखिलेश यादव ने कहा, “ये मुख्य चुनाव में जो धांधली करना चाहते हैं, उसकी तैयारी बड़े पैमाने पर है। हमारी मांग है, हमारी मांग है कि एक तो आधार से जोड़ा जाए वोटर लिस्ट को। हर व्यक्ति को, ऑप्शनल नहीं होना है, जोड़ना चाहिए।” उन्होंने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की व्यवस्था को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। सपा प्रमुख ने कहा कि संबंधित एजेंसियों के पास मतदाताओं के अंगूठे के निशान, तस्वीरें और डेटा पहले से मौजूद हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा समय में बायोमेट्रिक जांच के उपकरण छोटे और किफायती हो गए हैं, इसलिए प्रत्येक मतदान केंद्र तक इन्हें पहुंचाया जा सकता है। उनके मुताबिक, इससे मतदाता सूची में सुधार के साथ पहचान की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा सकेगा। अखिलेश यादव ने सरकार और चुनाव आयोग से मतदाता सूची में सुधार के साथ बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक रीडिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “तो सरकार को और इलेक्शन कमीशन को ये फैसला लेना चाहिए कि वोटर लिस्ट के सुधार के साथ-साथ बायोमेट्रिक रीडिंग के लिए उन्हें इंस्ट्रूमेंट्स बूथ स्तर पर उपलब्ध कराने चाहिए, जो बहुत महंगे नहीं हैं और आधार से जोड़ना चाहिए।” अखिलेश यादव ने अपनी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चुनाव आयोग और भाजपा की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर ये नहीं होता इसका मतलब इलेक्शन कमीशन और भारतीय जनता पार्टी के दिल और दिमाग में बेईमानी है। इसीलिए वोटर और वोटरों को ये पहचानने नहीं देना चाहते।” उनके इस बयान के केंद्र में मतदाता सूची की शुद्धता, मतदाताओं की पहचान और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रही।