यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना में घमासान, आगरा में गिनती रुकी

By Tatkaal Khabar / 27-10-2026 01:03:43 am | 129 Views | 0 Comments
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लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर जारी मतगणना के दौरान कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा नजर आ रही है। वहीं, मतगणना की प्रक्रिया के दौरान कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में विवाद भी सामने आए हैं। आगरा में निरस्त मतपत्रों को लेकर गिनती रोक दी गई, जबकि लखनऊ में वैध और अवैध मतपत्रों के मुद्दे पर हंगामे की स्थिति बनी। इन घटनाक्रमों के बीच अब सबकी नजरें मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणामों की घोषणा पर टिकी हैं। विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए प्रदेश के सात जिलों में मतगणना कराई जा रही है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मेरठ सहित विभिन्न निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतगणना की शुरुआत में मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उनके बंडल तैयार किए गए। इसके बाद मतों की गिनती शुरू हुई और शुरुआती रुझान सामने आने लगे। इस चुनाव को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके नतीजों से विभिन्न दलों के उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक निर्वाचन सीट पर पहले चरण में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी बढ़त बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने शुरुआती मतगणना में बढ़त हासिल की है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, श्रीचंद शर्मा को 3,895 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के नितिन कुमार तोमर को 1,280 वोट प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार 2,615 मतों से आगे बताए गए। हालांकि, अभी तक इस सीट पर आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं किया गया था। दूसरे चरण में 7,000 मतों की गिनती जारी थी। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी के संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव के बीच मुकाबला बना हुआ है। वहीं, इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना झांसी में हो रही है। विभिन्न सीटों पर सामने आ रहे रुझानों के आधार पर उम्मीदवारों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम तस्वीर आधिकारिक नतीजे घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगी। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले चरण की मतगणना पूरी होने के बाद वोटों की गिनती रोक दी गई। मतपत्रों पर दोहरे निशान मिलने और कुछ मतों को निरस्त किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। शुरुआती चरण में कुल 14,000 वोटों की गिनती हुई, जिसमें समाजवादी पार्टी के आकाश अग्रवाल भाजपा के हरि किशोर तिवारी से 779 मतों से आगे रहे। इसके बाद निरस्त मतपत्रों को लेकर विवाद सामने आया और मतगणना की प्रक्रिया रोकनी पड़ी। इस दौरान आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना भी शुरू नहीं हुई थी। आगरा में मतगणना रोके जाने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटनाक्रम से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किया। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की। दूसरी ओर, लखनऊ में वैध और अवैध मतपत्रों को लेकर हंगामा होने की जानकारी सामने आई। मतगणना के दौरान उठे इन विवादों के बीच अब चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और आधिकारिक नतीजों पर ध्यान केंद्रित है। मतों की गिनती पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 11 सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत मिली है।