आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत,याचिका हाईकोर्ट ट्रांसफर; 16 नवंबर तक हो सकती है सुनवाई
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई शुरू हुई. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं. सिब्बल ने आजम खान की उम्र, उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और कथित घटना के कई साल बाद FIR दर्ज किए जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने इसे उत्पीड़न का मामला बताते हुए पूछा कि 2006 की घटना के लिए 2019 में FIR कैसे दर्ज की जा सकती है और इसमें PMLA का मामला कैसे जुड़ गया?
आजम खान के लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वह 80 वर्ष के हैं. उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है. सिब्बल ने बताया कि जेल से बाहर आते ही ईडी ने 2019 के मामले में गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई का मकसद उन्हें अगले चुनाव से बाहर रखना है.
हाई कोर्ट से किया अनुरोध
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि वह पहले हाई कोर्ट में अपनी बात रखें. उनकी याचिका को हाई कोर्ट ट्रांसफर किया जा रहा है और हाई कोर्ट से जल्द से जल्द सुनवाई का अनुरोध किया जा रहा है.
जेल से रिहाई के बाद FIR दर्ज होने की दलील
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से दी गई दलील का भी जिक्र किया. अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता का कहना है कि जेल से छूटने के तुरंत बाद आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW ने FIR दर्ज कर ली. कोर्ट ने मामले की मुख्य वजह विश्वविद्यालय में फंड के कथित कुप्रबंधन को बताया. साथ ही आयकर विभाग की कार्यवाही में मिली बेहिसाब धनराशि और विश्वविद्यालय के प्रबंधन से जुड़े पहलुओं का भी उल्लेख किया.
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का फैसला सुनाया. अदालत ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि छुट्टियों के बाद अदालत खुलने के पहले दिन, यानी 16 नवंबर तक इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए. अब आजम खान को अपनी दलीलें इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने रखनी होंगी.