सहारनपुर मस्जिद विवाद पर अखिलेश का बीजेपी पर वार, बोले- ‘कानून सजा देगा’
नई दिल्ली, 06 सितंबर 2026 सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर रोजगार, महंगाई, बेरोजगारी और निवेश जैसे मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा, "नौकरी नहीं दे पा रहे, महंगाई नहीं रोक पा रहे, बेरोज़गारी नहीं रोक पा रहे, निवेश नहीं ला पा रहे, इसलिए इन्होंने सहारनपुर में मस्जिद को गिराने का काम किया और ऐसे लोग जो इसमें शामिल थे आज नहीं कल कानून इन्हें सजा देगा।" न्यायिक प्रक्रिया को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, "अगर बारह घंटे में, चौदह घंटे में आप दूसरे को कभी मौका नहीं दोगे कि दूसरे कोर्ट में जाकर के अपील कर ले, न्याय के लिए खड़े हो जाए। क्या जल्दी थी? अगर वो हाई कोर्ट चले जाते हैं अपना न्याय के लिए, सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं न्याय के लिए, लेकिन आप उनका अधिकार छीन रहे हो।" बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "यही बात तो हम लोग कह रहे थे कि ये संविधान से नहीं चलना है, ये संविधान और कानून की परवाह नहीं करते बीजेपी के लोग। अगर आज इन्होंने सोलह घंटे में मस्जिद गिराई है तो लोग दुखी हैं, चुप हैं, लेकिन यही सब लोग मिलकर के भारतीय जनता पार्टी को हटाने का काम करेंगे, जो एक कम्युनल पार्टी है।" बीजेपी के शुरुआती इतिहास का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "और मैं आज आपसे कह रहा हूं, भारतीय जनता पार्टी का जब गठन हुआ था सबसे ज्यादा चंदा इन्होंने किससे लिया था? जिससे मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि आप पाकिस्तान की बात करते हैं, उन लोगों से चंदा लेकर के इन्होंने अपनी पार्टी का गठन किया।" इसके बाद उन्होंने कहा, "और जब इन्हें सेक्युलर दिखना था तो सबसे पहला प्रस्तावक, उस समय जो उनके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, उनका प्रस्तावक पहला मुस्लिम था। ये दोनों बातें अगर गलत हैं तो बताएं।" अखिलेश यादव ने अपने दावे को आगे बढ़ाते हुए कहा, "ये बातें वो हैं जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने अपने आप को सेक्युलर बनाने के लिए पहले अध्यक्ष बनाने के लिए मुस्लिम का पहला प्रस्ताव रखा और जो पहला अधिवेशन हुआ उसमें मुस्लिम समाज के लोगों ने सबसे ज्यादा चंदा इन्हें दिया।" अपने बयान में उन्होंने सहारनपुर की कार्रवाई के साथ-साथ बीजेपी की राजनीति और उसके शुरुआती दौर को लेकर भी सवाल खड़े किए।