जातीय जनगणना पर अखिलेश का जोर, बोले- आबादी के हिसाब से मिले हक
लखनऊ, 07 सितंबर 2026 समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए आबादी के अनुपात में हक और सम्मान दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सामाजिक न्याय की लड़ाई चल रही है और आने वाले समय में PDA के लोग एकजुट होकर PDA की सरकार बनाकर सामाजिक न्याय की स्थापना का काम करेंगे। यादव ने कहा, “हमें हक़ और सम्मान दिलाने के लिए, हमें जाति जनगणना की दिशा में चलना पड़ेगा। इसीलिए शुरुआती में कहा मैंने कि हम सब लोग मिलकर के ये चाहते हैं जाति जनगणना हो और आबादी के हिसाब से हक़ और सम्मान मिले। जहां सामाजिक न्याय की लड़ाई इतने वर्षों से लड़ी जा रही है। आने वाले समय में PDA के लोग हम लोग जुड़कर के PDA की सरकार बनाकर के सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करने का काम करेंगे। तभी न्याय मिलेगा।” अखिलेश यादव ने पुलिस भर्ती से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव के दौरान कुशवाहा समाज के एक युवक को इसका असर झेलना पड़ा था। यादव ने बताया कि वह युवक आगरा का रहने वाला था और नौकरी के भविष्य को लेकर चिंतित था। उन्होंने कहा, “और मुझे याद है कि जब भर्ती हुई थी, कि शुरू में समाजवादी सरकार थी, पुलिस की वर्दी में जब आरक्षण की व्यवस्था बदली गई थी, उसमें सबसे पहले कोई नौजवान निकाला गया था तो कुशवाहा समाज का नौजवान निकाला गया था। और वो इसी हॉल में दुखी था इस बात को लेकर के, आगरा का था कि मुझे भविष्य में अब नौकरी नहीं मिलेगी क्योंकि मेरी age इतनी हो गई है कि अब मैं नौकरी करने लायक नहीं बचूंगा।” यादव ने आरक्षण की पुरानी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्गों के लोग सामान्य श्रेणी में पहुंच जाते थे, लेकिन बाद में उन्हें उस श्रेणी से हटाकर नीचे कर दिया गया। उन्होंने कहा, “पहले जो आरक्षण था वो जनरल में लोग पहुंच जाते थे, लेकिन पिछड़े और दलित और आदिवासी भाइयों को उस कैटेगरी से हटाकर के नीचे कर दिया और जब नीचे किया गया तो जो आ गए थे नौकरी, चार दिन बाद उन्हें नौकरी से बाहर जाना पड़ा।” अखिलेश यादव ने कहा कि समाज और PDA के लोग इन सभी बातों से परिचित हैं। उनके पूरे बयान में जातीय जनगणना, आबादी के अनुपात में अधिकार और आरक्षण के मुद्दों को सामाजिक न्याय की लड़ाई से जोड़ा गया। उन्होंने कहा, “ये समाज और PDA के लोग ये सब बातें जानते हैं।”