मोदी का आज दो राज्यों का दौरा, हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

By Tatkaal Khabar / 08-09-2026 04:50:00 am | 10 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 08 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगे। वडोदरा में दोपहर करीब 12 बजे वह 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम करीब 5:45 बजे मुंबई में वैश्विक फिनटेक महोत्सव 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम में अपना संबोधन देंगे। वडोदरा में प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के 326 किलोमीटर लंबे तीन महत्वपूर्ण खंड देश को समर्पित करेंगे। इन पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इनमें सानंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जेएनपीटी खंड शामिल हैं। इसके अलावा नई सानंद (उत्तर), नई मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ियों की सेवाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी। वडोदरा और टांडा रोड के बीच नई ट्रेन सेवा भी शुरू होगी, जिससे वडोदरा, छोटा उदेपुर और अलीराजपुर के लोगों को लाभ मिलेगा। छोटा उदेपुर-धार परियोजना के तहत तैयार जोबत-टांडा रोड नई रेल लाइन को भी प्रधानमंत्री देश को समर्पित करेंगे। इस रेल मार्ग से अलीराजपुर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही 329 किलोमीटर लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, जिनकी लागत 9,700 करोड़ रुपये से अधिक है। करीब 1,780 करोड़ रुपये की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल हैं। इनमें वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण के रिंग रोड के दूसरे चरण, कडाना बांध पर 110 मेगावाट की तैरती सौर ऊर्जा परियोजना और वडोदरा नगर निगम के नए कार्यालय का निर्माण प्रमुख हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास परियोजनाओं और पूर्वी वडोदरा के 11 गांवों के लिए जल आपूर्ति परियोजना का उद्घाटन किया जाएगा। मुंबई में प्रधानमंत्री वैश्विक फिनटेक महोत्सव 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में हो रहा है। वर्ष 2020 से यह महोत्सव वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय विचार-विमर्श का प्रमुख मंच बनकर उभरा है। इसमें नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक और प्रौद्योगिकी कंपनियां, निवेशक तथा शिक्षाविद वित्त के भविष्य और उससे जुड़े बदलावों पर चर्चा करते हैं।