यूपी में आंगनवाड़ी का बदला स्वरूप, 70 हजार केंद्रों का कायाकल्प
लखनऊ, सितंबर 09, 2026 उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर उनका स्वरूप बदलने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनके निर्माण और नवीनीकरण पर प्रति केंद्र 30 लाख रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "आज Anganwadi बहनों के पास अपना smart phone है, smart phone से real time वे data upload कर सकती हैं..." इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए पोषाहार और हॉट मील उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यूपी में 204 प्लांट लगाए गए हैं, जिनका संचालन महिला स्वयंसेवी समूह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 लाख से अधिक महिलाएं इन गतिविधियों से जुड़ी हैं। पोषाहार की गुणवत्ता पर निगरानी के लिए क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारी भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण संस्था को दी गई है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कई आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर थे। उनके अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70 हजार से अधिक केंद्रों को नया स्वरूप दिया गया है और प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। यह बदलाव बच्चों के पोषण और आंगनवाड़ी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आया है।