भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित: प्रधानमंत्री मोदी

By Tatkaal Khabar / 12-09-2026 11:18:08 am | 55 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली के भारत मंडपम् में भारत की अध्यक्षता में अठारहवां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चल रहा है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्‍विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और यह शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक पड़ाव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता जन-केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने के दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता निर्माण के लिए भारत की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के तहत ब्रिक्स सहयोग को आम लोगों से सीधे जोड़ने पर विशेष बल दिया। श्री मोदी ने बताया कि इस दौरान 30 के करीब शहरों में 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स किसी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने अधिक प्रतिनिधित्व वाली और समावेशी वैश्विक शासन व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। श्री मोदी ने वैश्विक शासन के लिए दस सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार अब और टाला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वैश्विक दक्षिण को नियम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका मिलनी चाहिए।भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है। लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है।" उन्होंने आगे कहा, "इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।"

ब्रिक्स के मर्म को समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा, "इस वर्ष का ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ बना रहे हैं। मानव जीवन में 20 वर्ष की आयु, मैच्योरिटी और रिस्पॉन्सिबिलिटी के नए चरण का आरंभ करती है। यह वो अवस्था होती है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां जुड़ती हैं। सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है। आज ब्रिक्स भी अपने 'कमिंग ऑफ एज' के क्षण में है। पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दर्शकों का सम्मान करते हैं और कर्तव्यनिष्ठ से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।"
पीएम मोदी ने आगामी 20 वर्षों के रोडमैप की बात करते हुए कहा कि अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एम्बिशियस एजेंडा पर काम करना होगा।