जापानी सांसदों ने विदेश सचिव से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के जापानी सांसदों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 21 सितंबर को विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मुलाकात की। जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एलडीपी के इंटरनेशनल ब्यूरो के डायरेक्टर और पूर्व रक्षा एवं विदेश मंत्री जनरल तारो कोनो ने किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत और सार्थक चर्चा की गई। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा जापानी प्रतिनिधिमंडल 'इंडिया-जापान डिस्टिंग्विश्ड विजिटर्स प्रोग्राम' के तहत भारत के दौरे पर है। विदेश सचिव के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा, आर्थिक सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती, व्यापार और निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की सकारात्मक गति को बनाए रखने पर सार्थक चर्चा की। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय डीप-टेक एंटरप्रेन्योरशिप और रिसर्च व इनोवेशन इकोसिस्टम द्वारा की गई प्रभावशाली प्रगति को नोट किया। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास के दायरे और गति की सकारात्मक चर्चा की, जिसमें इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत व उसके सहयोगी देशों के लिए पैदा हो रहे अवसर शामिल हैं। डी-रिस्किंग और सप्लाई चेन की मजबूती को और बढ़ाने के उद्देश्य से, उन्होंने भारत और जापान के बीच अधिक गहन आर्थिक सुरक्षा साझेदारी की आवश्यकता का आकलन किया। मंत्रालय ने कहा तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक माहौल को देखते हुए, दोनों पक्षों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। यह साझेदारी राजनीतिक विश्वास, आपसी सद्भावना और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण की नींव पर बनी है और इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के लिए एक आधार का काम करती है। उन्होंने 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री तकाइची द्वारा तय किए गए निर्देशों के आधार पर भारत-जापान संबंधों के दायरे और गहराई को बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की आवश्यकता को महत्व दिया। (रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)