लखनऊ में संविदा एएनएम का प्रदर्शन, ब्रजेश पाठक के आवास का किया घेराव
लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश में संविदा पर कार्यरत एएनएम ने अपनी मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन तेज कर दिया है। बुधवार को बलिया से पहुंचीं महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही एएनएम को समझाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन, सेवा शर्तों और नियमितीकरण से जुड़े मुद्दे उठा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है। संविदा एएनएम का आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहा है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संविदा संघ के नेतृत्व में 21 सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। इसी क्रम में बलिया की संविदा एएनएम ने पहले जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और फिर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लखनऊ का रुख किया। इससे पहले सितंबर में ईको गार्डन में आयोजित प्रदर्शन के दौरान संघ ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं। एएनएम संविदा संघ के अनुसार, प्रदेश में लगभग 15 हजार संविदा एएनएम स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। संगठन का कहना है कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों से अलग वेतन व्यवस्था और सेवा शर्तों का सामना करना पड़ता है। संघ लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान और संविदा पर कार्यरत एएनएम के भविष्य को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारी एएनएम समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने और न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग कर रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने रिजवी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी उठाई है। लंबे समय से संविदा पर कार्यरत एएनएम को नियमित करने, आयु सीमा पार कर चुकी कर्मचारियों को उम्र में छूट देने और नियुक्ति के दौरान उनके अनुभव को महत्व देने की मांग भी शामिल है। संगठन के मुताबिक, तीन से सात वर्ष का अनुभव रखने वाली एएनएम को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संविदा एएनएम की मांगों में गृह जनपद में स्थानांतरण की सुविधा, नियुक्ति प्रक्रिया में प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) से छूट और संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देना भी शामिल है। प्रदर्शनकारी इन मांगों पर लंबे समय से सरकार के फैसले का इंतजार कर रही हैं। लखनऊ में स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर हुए प्रदर्शन के जरिए एएनएम ने एक बार फिर वेतन, नियमितीकरण और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है।