UP :विपक्ष के हंगामें के बीच सरकार ने पास कराया बजट, सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

By Tatkaal Khabar / 04-03-2021 11:31:07 am | 14906 Views | 0 Comments
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उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में गुरुवार को सरकार अपना बजट पास कराने में सफल रही। विधानसभा सदन ने बजट और विनियोग विधेयक पारित कर दिया। इसके साथ ही प्रदेश विधानमंडल का सत्र अनिश्चितकाल के लिए समाप्त हो गया। विधानभवन में कार्यवाही दस मार्च तक चलनी थी। कार्यवाही तय समय से पहले स्थगित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में विधानसभा में विपक्ष के भारी हंगामें तथा बहिर्गमन के बीच बजट को पास करा लिया। सदन में गुरुवार को बजट पास कराने की कार्यवाही को लेकर विपक्ष ने कहा कि हम इसके गवाह नही बनेंगे। समाजवादी पार्टी के साथ बहुजन समाज पार्टी व कांग्रेस के बहिर्गमन के बीच सरकार ने आज बजट समेत चार विधेयक पारित करने के बाद यूपी के विधानमंडल सत्र को अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

सदन में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि, "विधानसभा क्षेत्र विकास निधि में विधायकों को 3-3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। विधायक निधि की गाइडलाइन के तहत ही राशि स्वीकृत की जाएगी। साथ ही विधानसभा सचिवालय कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किया गया है। इनको पुरस्कार राशि के रूप में 12500 रुपए मिले हैं।"

विधानभवन में गुरुवार को विधान सभा में प्रश्नकाल स्थगित कर दिया गया। इसी बीच सरकार ने सभी विभागों के बजट को पास करा लिया है। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के साथ योगी आदित्यनाथ सरकार को समर्थन दे रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।

वहीं, सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय किया था कि सदन 10 मार्च तक संचालित किया जाएगा तो सरकार क्यों पीछे भाग रही है? हालांकि, इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

बसपा विधानमंडल दल नेता लालाजी वर्मा ने कहा कि, "मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम इस बार सदन 90 दिन से ज्यादा चलाएंगे। विपक्ष भी चाहता है सदन चले, लेकिन प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है। प्रदेश के विधानमंडल के सत्र में ऐसा पहली बार हो रहा है। मैं तो यही चाहता हूं कि 10 मार्च तक सदन चले।"