जनगणना 2027 की तैयारी तेज: 1 अप्रैल से शुरू होगी घरों की गणना, 18 भाषाओं में बनेंगी 32 लाख से अधिक निर्देश पुस्तिकाएं

By Tatkaal Khabar / 16-01-2026 08:13:57 am | 97 Views | 0 Comments
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नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026 आजादी के बाद देश में आठवीं बार होने जा रही जनगणना के पहले चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार ने जनगणना प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए 32 लाख से अधिक निर्देश पुस्तिकाएं तैयार करने का फैसला किया है, जिन्हें 18 भाषाओं में प्रकाशित किया जाएगा। ये पुस्तिकाएं देशभर में जनगणना कार्य से जुड़े 30 लाख से अधिक गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को वितरित की जाएंगी, ताकि उन्हें अपने अधिकार, जिम्मेदारियों और कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। इन निर्देश पुस्तिकाओं में मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया, जनगणना कर्मियों की भूमिका, उनके अधिकार और जनगणना से जुड़े कानूनी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है। जब गणनाकार घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, तब ये पुस्तिकाएं उनके लिए मार्गदर्शक का काम करेंगी। “जनगणना से जनकल्याण” के स्लोगन के साथ इस राष्ट्रीय अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुस्तिकाएं हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, आसामी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु, उर्दू सहित कुल 18 भाषाओं में उपलब्ध होंगी। जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों की गिनती और आवास में रहने वालों की बुनियादी जानकारी जुटाई जाएगी। इस चरण में हर भवन को जियो-टैग किया जाएगा, चाहे वह बंद हो या खाली। इसके बाद फरवरी 2027 में दूसरे चरण के तहत देश की कुल आबादी की विस्तृत गणना की जाएगी। इस बार जनगणना को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसके जरिए जनगणना की पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि तकनीक के इस्तेमाल से इस बार देश की जनसंख्या और आवास से जुड़ा डेटा पहले से कहीं अधिक विश्वसनीय और सटीक रूप में सामने आएगा। जनगणना 2027 की शुरुआत की तैयारी, 1 अप्रैल से घरों की गिनती होगी शुरू देश में आज़ादी के बाद आठवीं बार होने जा रही जनगणना की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पहले चरण के तहत 1 अप्रैल से मकानों की गणना शुरू होगी। इस चरण के लिए 32 लाख से अधिक निर्देश पुस्तिकाएं तैयार की जा रही हैं, जो 18 भाषाओं में होंगी और देशभर में जनगणना कार्य से जुड़े कर्मियों को वितरित की जाएंगी। इन पुस्तिकाओं में गणनाकारों की भूमिका, उनके अधिकार, कानूनी प्रावधान और मकानों के सूचीकरण की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है। जब जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे, तब यही पुस्तिकाएं उनके लिए मार्गदर्शक बनेंगी। सरकार इस अभियान को “जनगणना से जनकल्याण” के संदेश के साथ आगे बढ़ा रही है। पहले चरण में हर भवन को जियो-टैग किया जाएगा, चाहे वह खाली या बंद ही क्यों न हो। जनगणना 2027 के लिए विशेष सेंसस मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी और डेटा की सटीकता बढ़ेगी। इसके बाद फरवरी 2027 में दूसरे चरण के तहत देश की पूरी आबादी की गणना की जाएगी। तकनीक और डिजिटल निगरानी के सहारे सरकार को उम्मीद है कि इस बार जनसंख्या से जुड़ा आंकड़ा अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और उपयोगी साबित होगा।