डीजीसीए की सख्ती के बाद इंडिगो ने छोड़े लगभग 717 स्लॉट, एक्सपर्ट बोले—सुरक्षा के लिए पायलटों की भर्ती जरूरी
नई दिल्ली | 25 जनवरी 2026 विमानन नियामक डीजीसीए की सख्त कार्रवाई के बाद देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को अपनी विंटर शेड्यूल में कटौती करनी पड़ी है। इसके चलते इंडिगो ने देश के अलग-अलग हवाई अड्डों पर लगभग 717 घरेलू फ्लाइट स्लॉट खाली कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर सीनियर विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने प्रतिक्रिया देते हुए हवाई सुरक्षा और पायलटों के आराम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। सुभाष गोयल ने कहा कि एयरलाइंस को अपने संचालन को सुचारु रखने के लिए पायलटों की संख्या बढ़ानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "सरकार के नियमों का पालन होना चाहिए। अहमदाबाद हादसे के बाद सुरक्षा और भी अहम हो गई है। डीजीसीए यह सुनिश्चित कर रहा है कि पायलटों को पर्याप्त आराम मिले।" गोयल का मानना है कि लगातार उड़ानों और कम स्टाफ के कारण पायलटों पर दबाव बढ़ता है, जो सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। इंडिगो ने शनिवार को लगभग 700 से अधिक स्लॉट सरेंडर किए। दिसंबर 2025 की शुरुआत में ऑपरेशनल दिक्कतों और लगातार उड़ान रद्द होने की शिकायतों के बाद डीजीसीए ने एयरलाइन के उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया था। स्लॉट का अर्थ व्यस्त हवाई अड्डों पर टेकऑफ और लैंडिंग के लिए तय समय से होता है, जो किसी भी एयरलाइन की समयबद्धता और संचालन के लिए बेहद अहम होता है। सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो ने खाली किए गए स्लॉट की सूची नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है। अब मंत्रालय इन स्लॉट्स को उन दूसरी एयरलाइंस को देगा, जिनके पास पर्याप्त विमान, पायलट और केबिन क्रू मौजूद हैं। मंत्रालय का उद्देश्य है कि ये स्लॉट खाली न रहें और यात्रियों को आखिरी समय की रद्दीकरण और देरी से परेशानी न हो। डीजीसीए ने साफ किया है कि नियमों का पालन न करने वाली किसी भी एयरलाइन को भविष्य में सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इंडिगो पर डीजीसीए की कार्रवाई का असर: लगभग 717 उड़ान स्लॉट खाली, एक्सपर्ट ने पायलट भर्ती पर दिया जोर विमानन नियामक डीजीसीए की सख्ती के बाद इंडिगो एयरलाइंस को अपने शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में कटौती करनी पड़ी है। इसके तहत एयरलाइन ने देश के अलग-अलग हवाई अड्डों पर लगभग 717 घरेलू फ्लाइट स्लॉट खाली कर दिए हैं। यह फैसला लगातार उड़ान रद्द होने और संचालन में आ रही दिक्कतों के बाद लिया गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके। इस पूरे मामले पर सीनियर विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने सुरक्षा को सबसे अहम बताते हुए एयरलाइंस को पायलटों की संख्या बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "सरकार के नियमों का पालन होना चाहिए। अहमदाबाद हादसे के बाद सुरक्षा और भी अहम हो गई है। डीजीसीए यह सुनिश्चित कर रहा है कि पायलटों को पर्याप्त आराम मिले।" उनका कहना है कि सही रोस्टर और पर्याप्त स्टाफ के बिना सुरक्षित उड़ान संभव नहीं है। बताया गया है कि दिसंबर 2025 में इंडिगो के संचालन में बड़े पैमाने पर समस्याएं सामने आई थीं। इसके बाद डीजीसीए ने एयरलाइन की उड़ानों में 10 फीसदी कटौती का आदेश दिया था। स्लॉट दरअसल व्यस्त हवाई अड्डों पर टेकऑफ और लैंडिंग के लिए तय समय होते हैं, जो किसी भी एयरलाइन की उड़ान व्यवस्था और समय पालन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, इंडिगो ने खाली किए गए स्लॉट की सूची नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है। मंत्रालय अब इन स्लॉट्स को उन एयरलाइंस को देने की तैयारी में है, जिनके पास पर्याप्त विमान, पायलट और केबिन क्रू उपलब्ध हैं। साफ किया गया है कि बिना तैयारी वाली एयरलाइंस को ये स्लॉट नहीं मिलेंगे। डीजीसीए का उद्देश्य है कि सर्दियों के मौसम में उड़ान रद्द होने की समस्या कम हो और यात्रियों को परेशानी से बचाया जा सके।