UP: सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री को शंकराचार्य का बड़ा प्रस्ताव
बरेली | 27 जनवरी 2026 उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके इस्तीफे के बाद ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से उनकी फोन पर बातचीत हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह बातचीत माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिविर से की गई थी, जिसमें धर्म और समाज से जुड़े कई मुद्दों पर बात सामने आई। वीडियो में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अलंकार अग्निहोत्री से कहते हुए नजर आते हैं कि “सरकार ने जो पद दिया था, उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में आपको देने का प्रस्ताव करते हैं।” उन्होंने कहा कि एक तरफ यह दुख की बात है कि अलंकार अग्निहोत्री ने मेहनत से हासिल किया हुआ पद छोड़ दिया, लेकिन दूसरी ओर सनातन धर्म के प्रति उनकी निष्ठा से पूरा समाज प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि समाज चाहता है कि ऐसे निष्ठावान लोग सनातन धर्म की सेवा में आगे आएं। इस पर अलंकार अग्निहोत्री ने जवाब दिया, “ठीक है महाराज जी, जल्द ही आपका आशीर्वाद लेते हैं और मिलते हैं।” गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देते हुए सरकारी नीतियों, खासकर नए UGC नियमों पर कड़ा विरोध जताया था। उन्होंने कहा था, “उत्तर प्रदेश में लंबे समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है। जेल में डिप्टी जेलर ने एक ब्राह्मण को पीट-पीटकर मार डाला। अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के शिष्यों को बुरी तरह पीटा गया। दूसरा मुद्दा UGC 2026 का नियम है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान साधु-संतों और ब्राह्मणों के साथ मारपीट हुई, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक है। अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने खुद को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी बताया और कहा कि वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षित हैं। उन्होंने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा कि प्रयागराज की घटना से यह साफ होता है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा ब्राह्मणों का अपमान किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे घटनाक्रम “एक साधारण ब्राह्मण की आत्मा को कंपा देते हैं” और इससे यह प्रतीत होता है कि प्रशासन और वर्तमान सरकार “ब्राह्मण विरोधी विचारधारा” के साथ काम कर रही है। इसी बीच अलंकार अग्निहोत्री की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, जिसमें वह एक पोस्टर पकड़े नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर UGC के नए नियमों के विरोध में नारे लिखे हैं। सोमवार शाम को वह जिलाधिकारी के आवास भी पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक रहे। बाहर निकलने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। पूरे मामले ने प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।